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Showing posts from January, 2016
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क्या होता हैं स्मार्ट सिटी, और क्या है इसके फायदे जानिए.... नई दिल्ली:   केंद्र सरकार ने गुरुवार को पहली 20 स्मार्ट सिटीज का एलान कर दिया। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के मुताबिक, कॉम्पिटीशन के आधार पर इनका सिलेक्शन हुआ है। इस लिस्ट में यूपी, बिहार और प. बंगाल जैसे राज्यों से एक भी शहर नहीं है। जबकि एमपी से तीन शहर हैं। मोदी सरकार ने इन 20 सीटीज के लिए पिछले साल अगस्त में 97 शहरों को शॉर्ट लिस्ट किया था। कैसे होगी प्रोजेक्ट फंडिंग और क्यों है स्मार्ट सिटीज पर फोकस... - फर्स्ट फेज में 20 और अगले हर दो साल में 40-40 शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए सिलेक्ट किया जाएगा। - मंत्री के मुताबिक, सिलेक्ट शहरों को पहले साल 200- 200 करोड रुपए और बाद में तीन साल तक 100-100 करोड़ दिए जाएंगे। - अरबन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक, देश में अभी शहरी आबादी 31 फीसदी है, लेकिन इसकी भारत के जीडीपी में हिस्सेदारी 60 पर्सेंट से ज्यादा है। - एक अनुमान है कि अगले 15 साल में शहरी आबादी की जीडीपी में हिस्सेदारी 75 पर्सेंट होगी। - इस वजह से 100 स्मार्ट सिटीज बनान...
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एकता कपूर से जुड़ी कुछ बातें जो आप जानना चाहेंगे नई दिल्ली:  7 जून 1975 को एकता कपूर का मुंबई मे जन्म हुआ था, एकता मशहूर बॉलीबुड अभिनेता जितेन्द्र की बेटी हैं। उनकी मां का नाम शोभा कपूर और भाई तुषार कपूर हैं। एकता ने अपनी मां के साथ मिलकर बालाजी टेलीफिल्म्स की नींव रखी। एकता कपूर को छोटे परदे की सीरियल क्वीन भी कहा जाता है। उन्होंने न सिर्फ छोटे पर्दे का हिट धारावाहिक दिया बल्की बॉलीवुड को भी "रागिनी एमएम", "वन्स अपॉन ए टाइम इन मुम्बई" जैसी हिट फिल्में दी है। 1. एकता कपूर ने अपने कॅरियर की शुरुआत दूरदर्शन चैनल से की थी। 2. एकता कपूर ने 19 साल की उम्र में इंडसट्री में कदम रखा था। और आज उनका नाम भारत के सफल लोगों में लिया जाता है। 3. एकता ने स्क्रीप्ट राइटिंग भी की है। इन्हें एशिया वीक मैगज़ीन में 'एशिया के सर्वाधिक शक्तिशाली कम्युनिकेटर्स' के रूप में चुना गया था। 4. कपूर ने बालाजी टेलीफिल्म्स के लिए निर्माता के रूप में अपनी सफलता के लिए कई पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं जैसे, भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार, इंडियन टेली अवार्ड्स, कलाकार पुरस्कार,...
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जानिये - कैसे करे असली हीरे की पहचान बिज़नस: हीरे केवल सफ़ेद ही नहीं होते अशुद्धियों के कारण इसका शेड नीला, लाल,संतरा,पिला,हरा,और काला भी होता है,हरा हीरा सबसे दुर्लभ है,हीरे को यदि oven में 763 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाये तो जलकर कार्बनडाई आक्साइड बना लेता है तथा बिलकुल भी राख नहीं बचती है,इससे यह सिद्ध होता है की हीरा कार्बन का शुद्ध रूप है,हीरा उष्मीय किरणों के प्रति बहुत अधिक सवेदनशील होता है,काले हीरे का प्रयोग कांच काटने या दूसरे हीरे को काटने हीरे पर पोलिश करने तथा चट्टानों में छेद करने के लिये किया जाता है,ज्योतिष में भी हीरे का व्यापक महहत्व है,इसके अनुसार हीरा रत्न अनामिका में शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को अभिमंत्रित करके शुक्र के सोलह हज़ार जाप ॐ शूं शुक्राय नमः जप करके धारण करना चाहिये,शास्त्रोनुसार हीरे के आठ भेद होते है,जो निम्न प्रकार से है- 1-वनस्पति हीरा-- यह हीरा जल या सिरस पत्र के रंग के समान होता है,इसे वरुण देव धारण करते है, 2- बसंती हीरा -- यह हीरा गेंदा पुष्प गुलदाउदी या पुखराज के रंग का होता है,इसे शिवजी स्वय धारण करते है, 3- वज्रनील हीरा...
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अब रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी से आसानी से घटाएं अपना वजन मेडिकल: क्या आप एक मरीज हो? या एक आगंतुक! आपकी हमसे ये उम्मीदें होंगी कि 1000 से ज्यादा समर्पित कर्मचारी , चिकित्सक, और स्वयंसेवक आप पर पूरी तरह से ध्यान दे और आपको एक सुरक्षित आरामदायक, वातावरण प्रदान करें। मध्य भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र "मोहक हाईटेक अस्पताल" आपको प्रदान करती है क्वालिटी, अनुकंपा और प्रभावी लागत सेवाएं जो की लगातार हमारी जरूरतों को पूर्ण करें। यहाँ पर बेरिएट्रिक सर्जरी की जाती है इसकी मदद से आप अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं । क्या हैं रोबोट बेरिएट्रिक सर्जरी? जैसा की आप इसके नाम से ही समझ पा रहे होने की ये सर्जरी रोबोर्ट के मदद से की जाती है। इसमें उपकरण को सर्जन नियंत्रित करते है। रोबोटिक वेट लोस सर्जरी के लाभ : - कम जटिलता - शरीर में कम घाव  - कम दर्द  - कम इन्फेक्शन का डर  - कम समय अस्पताल में रहना  - बहुत ही कम जठरांत्र लीक होने का मौका इस बारे में हमारे रिपोर्टर कुंतल त्रिवेदी ने मोहक हाईटेक अस्पताल के डायरेक्टर शांतनु भागडीकर से इंटरव्यू के ...
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एक मसीहा जिसने बचाई 1.70 लाख भारतीयों की जान   मुंबई: अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह फिल्म दुनिया के सबसे बड़े मिशन पर आधारित है। आज से 25 साल पहले 1990 में इस पूरे मिशन को कुवैत के सबसे बड़े व्यापारी रंजीत कात्याल ने अंजाम दिया था। इस मिशन में 1,70,000 भारतीयों को रंजीत कात्याल ने बचाया था। कौन है रंजीत कात्याल..? कुवैत पर हमला 1990 के दशक में ईराक के तत्कालीन तानाशाह सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला बोल दिया था। यह हमला तेल के कारोबार को लेकर किया गया था। सद्दाम हुसैन के हमले के बाद ईराक की सेना ने कुछ घंटो के भीतर ही पूरे कुवैत में तबाही मचा दी थी। जिसके बाद कुवैत में रह रहे 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों की जान पर बन आई थी। ऐसे में रंजीत कात्याल ही वह सख्स थे जिन्होंने अपनी जिंदगी को खतरे में डालकार कुवैत के भीतर रहते हुए 1,70,000 हिन्दुस्तानियों को कुवैत से 4,117 किमी दूर मुंबई भेजा था। भारतीयों की ढ़ाल रंजीत कात्याल अपने आपको भारतीय से ज्यादा कुवैती मानता था लेकिन इस हमले के बाद 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों के लिए ढाल बन गया...
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निसंतान जोड़ों के लिए आशा की एक किरण :शैफाली जैन इंदौर :    संतान हर निसंतान दंपति का सपना है। उनका जीवन संतान के बिना अधूरा हैं। वर्तमान में बांझपन की संख्या करीब 10-12% है और दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। एशियाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफर्टिलिटी मैनेजमेंट (AIIM), इंदौर सभी निसंतान दंपति की मदद करना चाहता है, न कॉवेल भारत में बल्कि यू.के ,यू.एस, ऑस्ट्रेलिया , दुबई और यूगांडा जैसे देशों में भी . AIIM प्रभावी, सुरक्षित और साक्ष्य आधारित उपचार करता है। यह ट्रीटमेन्ट ISO-9001 से सर्टिफाइड है, जो की अपने हाई क्वालिटी क्लीनिकल ​​काम पर ज़ोर देता हैं। इस सेंटर ने लगातार अपने ट्रीटमेंट से ज्यादातर IVF-ICSI समस्याओं का समाधान किया जो की लगातार सफल हुए है। लगातार 19 वर्षों से अच्छा काम कर डॉ. शैफाली ने लोगों का भरोसा जीता हैं। डॉ. शैफाली जैन और डॉ. दिनेश जैन दोनों ही हाई क्वालिफाइड डॉक्टर्स हैं, जिन्होंने 10,000 हज़ार से भी ज्यादा लोगों को अपनी कड़ी मेहनत के द्वारा निसंतान लोगों को वापस संतान का सुख पाने का अवसर दिया हैं, अपने टेस्ट ट्युब सेंटर की मदद से। टेस्ट ट्युब तकनीक अब और भी ज...