Posts

Showing posts from November, 2018

आर्थिक समस्या का सामना कर रहे है तो करे ये कुछ धार्मिक उपाय

Image
आर्थिक समस्या का सामना कर रहे है तो करे ये कुछ धार्मिक उपाय कभी -कभी परिवार में आर्थिक समस्या का कारण ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव या परिवार के मुखिया के कुंडली दोष भी हो सकते है। सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है, किसी दुर्घटना के कारण आर्थिक समस्या का सामना करता है या व्यक्ति व्यवसाय में हानि का सामना करता है। जिस परिवार के सदस्यों में दिन -प्रतिदिन झगड़ें होते हो। सदस्यों में आपसी प्रेम न हो, ऐसे घर से लक्ष्मी दूर होने लगती है। नीचे दिए गये सरल टोटके आपकी कमजोर आर्थिक स्थिति ठीक करने में कारगर सिद्ध हो सकते है। 1) सप्ताह में प्रत्येक शुक्रवार के दिन श्रीसूक्त या श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें। जिस घर में ये पाठ किये जाते है वहां लक्ष्मी जी का वास होता है। घर सुख -सम्रद्धि से परिपूर्ण होने लगता है। धन प्राप्ति के लिए सोमवार या शुक्रवार के दिन सफ़ेद चीजों का दान करें। 2) घर के द्वार पर आये कुत्ते , गाय व किसी साधू संत को कुछ न कुछ खिलाकर भेजे | उन्हें दुत्कारे कभी नहीं। 3) घर में पूजा स्थल पर हवा में उड़ते हुए हनुमान जी की फोटो स्थापित कर उनकी विधि अनुसार पू...

विश्व का सबसे बड़ा मंदिर जहां कोई हिन्दू नहीं

Image
विश्व का सबसे बड़ा मंदिर जहां कोई हिन्दू नहीं भारत में कई हिंदू मंदिर है जिनमें अलग-अलग देवी देवताओं को पूजा जाता है लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा हिन्दुओं का सबसे बड़ा मंदिर जिस देश में है वहां एक भी हिन्दू नही रहता है । जी हा हम आज इस विश्व के सबसे बड़े मंदिर के बारे में बता रहे है जो विश्व प्रसिद्ध जगहों में से एक है। कम्बोडिया ..एक ऐसा देश जिसके झंडे में हिंदुओं का मंदिर का चित्र बना है लेकिन इस देश में एक भी हिंदू नहीं है। सिमरिप शहर में मीकांग नदी के किनारे बसा हुआ है सैकड़ों वर्ग मील में फेला विष्णु जी का यह भव्य अंकोरवाट मंदिर बड़ा ही अद्भुत और विशाल है। इस मंदिर का निर्माण राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने करवाया था। बताया जाता है कि 1112 से 1153 में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। कंबोडिया में जनसंख्या करीब 1.5 करोड़ है लेकिन कोई भी हिन्दु नहीं है। अंकोरवाट कम्बोडिया में दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू धार्मिक स्मारक है। विश्व के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थानों में से एक होने के साथ ही यह मंदिर यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। सनातनी लोग इसे पवित्र तीर्थस...

वास्तु टिप्स: घर में सुख-शांति चाहिए तो ऐसे बनाए पूजाघर

Image
वास्तु टिप्स: घर में सुख-शांति चाहिए तो ऐसे बनाए पूजाघर ईश्वर दुनिया के हर कण में व्याप्त है और वे हमेशा सबका कल्याण ही करेंगे .सभी दिशाओं के स्वामी भी भगवान ही है और सब दिशाओं का अपना अपना एक महत्व है. और हम अगर उसके अनुसार कुछ बदलाव करते है तो जीवन में बड़ी उपलब्धियां प्राप्त कर सकते है. अत: आवश्यक है कि पूजा स्थल बनवाते समय भी वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखा जाए. 1 . भूल से भी भगवान की तस्वीर या मूर्ति आदि नैऋत्य कोण में न रखें. इससे बनते कार्यों में रुकावटें आती हैं. 2 . मंदिर की ऊंचाई उसकी चौड़ाई से दुगुनी होनी चाहिए.पूजा स्थल के लिए भवन का उत्तर पूर्व कोना सबसे उत्तम होता है. 3. घर में एक हाथ से अधिक बड़ी पत्थर की मूर्ति की स्थापित करने से गृहस्वामी की संतान नही होती . 4. आश्विन माह में माँ दुर्गा की स्थापना मंदिर में करना शुभ माना गया है ,इसका बहुत पुण्यफल मिलता है . 5. पूजा घर शयनकक्ष में न बनाए . 6.पूजा घर शौचालय के ठीक ऊपर या नीचे न हो. पूजा घर का रंग स़फेद या हल्का क्रीम होना चाहिए. 7. घर में दो शिवलिंग, तीन गणेश, दो शंख, दो सूर्य-प्रतिमा, तीन देवी प्र...

भगवान परशुराम की तपस्थली जहाँ शिवजी करते हैं निवास

Image
भगवान परशुराम की तपस्थली जहाँ शिवजी करते हैं निवास हर स्थान का अपना एक पौराणिक महत्व होता है। टांगीनाथ मंदिर को लेकर कई दिलचस्प कथाएं कही जाती हैं। त्रेता युग में जब जनकपुर में आयोजित सीता माता के स्वयंवर में भगवान श्रीराम ने शिव जी का धनुष तोड़ा था तो भगवान परशुराम वहा पहुंचे और अत्यंत क्रोधित हो गए. इस दौरान लक्ष्मण से हुई बहस के दौरान बीच जब परशुराम को पता चला कि भगवान श्रीराम स्वयं नारायण ही हैं तो उन्हें बड़ी आत्मग्लानि हुई। दुखी होकर घने जंगलों के बीच एक पर्वत श्रृंखला में आकर पश्चाताप करने के लिए भगवान शिव की स्थापना कर अपना परशु अर्थात फरसे को गाड़ दिया और वही आराधना करने लगे। झारखंड के रांची से करीब 150 किमी दूर गुमला जिले में टांगीनाथ धाम जो भगवान परशुराम का तप स्थल है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम अपने परशु यानी फरसे को जमीन में गाड़ दिया था और शिव की घोर उपासना की थी।इस फरसे की ऊपरी आकृति कुछ त्रिशूल से मिलती-जुलती है. यही वजह है कि यहां श्रद्धालु इस फरसे की पूजा के लिए आते है। मान्यता है साक्षात भगवान शिव यहाँ निवास करते हैं। झारखंड के इस...

इस नदी किनारे हुई है अनेक हिन्दू महकाव्योंकी रचना

Image
इस नदी किनारे हुई है अनेक हिन्दू महकाव्योंकी रचना ओड़िसा के उत्तरी हिस्से में स्थित है एक शहर राउरकेला। यह शहर पर्यटन के लिए भी जाना जाता है। इस खास लेख में जानिए राउरकेला के प्रसिद्ध स्थानों के बारे में। वेदव्यास मंदिर राउरकेला भ्रमण की शुरवात आप यहाँ के प्रसिध्द वेदव्यास मंदिर से कर सकते है। वेदव्यास जी ने ब्राह्मणी नदी के तट पर अनेक हिन्दू महकाव्योंकी रचना की जिसमे से महाभारत एक है। अब वहा तिन इमारते है जिसमे एक स्कूल ,आश्रम और गुफाएं शामिल है जहा महाभारत लिखी गई। यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थान है। और विशेषतः जो सांस्कृतिक इतिहास में दिलचस्पी रखते है उन्हें यहाँ जरूर आना चाहिए। वैष्णो देवी मंदिर यह मन्दिर 2007 में आम लोगोंके लिए खोला गया था। हिन्दू त्यौहार जैसे होली, दिवाली दशहराके दौरान यहाँ भव्य आयोजन होता है। वेदव्यास मंदिर के अलावा आप इस मंदिर भी जा सकते है। यह मूल वैष्णो देवी मंदिर की प्रतिकृति है यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जो पूरे शहर के अद्भुत दृश्य पेश करता है। रानी सती मंदिर रानी सतीमंदिर झुन-झुन धाम के नाम से भी पहचाना जाता है जो 2 एकड़ में फ...

एक छोटासा उपाय, सारे वास्तुदोष दूर करके आकस्मिक दुर्घटना से बचाएगा

Image
एक छोटासा उपाय, सारे वास्तुदोष दूर करके आकस्मिक दुर्घटना से बचाएगा अगरबती एवं धुप करने के फायदे | घर में सुगंधित धुंआ करने का धार्मिक महत्व यही है कि ईश्वर को याद करना और उनकी आराधना करना परंतु इसका कुछ और महत्व भी है। हमारे शास्त्रों में पूजन-अर्चन के लिए विभिन्न विधियां बताई गई हैं। भगवान को अगरबती लगाना या गुगल की धूप देना भी एक सामान्य व कम समय की पूजा ही है। हिंदू धर्म के अनुसार घरों में धूनी (धूप) देने की परंपरा काफी प्राचीन है।गुगल और लोबान में भी औषधीय गुण होते हैं। पुराने समय में अगरबत्ती भी कई औषधियां को मिलाकर बनाई जाती थी अगरबत्ती जलाने पर जो धुआं होता है,जिससे घर में फैले सूक्ष्म कीटाणु धुएं के प्रभाव से नष्ट हो जाए या घर से बाहर निकल जाए, ताकि वे कीटाणु हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित ना कर सके।  साथ ही, मानसिक तनाव दूर करने में भी इससे बहुत लाभ मिलता है। आइए जानते है किस चीज़ की धूनी करने से क्या फायदे होते है। कर्पूर और लौंग रोज़ाना सुबह और शाम घर में कर्पूर और लौंग जरूर जलाएं। आरती या प्रार्थना के बाद कर्पूर जलाकर उसकी आरती लेनी चाहिए। इससे घर के ...

जो असहायों की सहायता करता उस पर परमात्मा की असीम कृपा होती है

Image
जो असहायों की सहायता करता उस पर परमात्मा की असीम कृपा होती है जो परहित की कामना करता है,या असहायों की सहायता करता है उस पर परमांत्मा की असीम कृपा होती है। जो दयालु, करुणाकरी होते है ईश्वर उसका स्वीकार करते है आज जो कथा हम देख रहे है वो शिवपुराण में उल्लेखित है। भगवान शिव को पति रूप में पाने हेतु माता पार्वती कठोर तपस्या कर रह थी। और उनकी तपस्या पूर्णतः की ओर थी। ऐसे ही एक बार जब वह भगवान के चिंतन में ध्यान मग्न बैठी थी , उसी समय उन्हें एक बालक की चीख सुनाई दी जैसे वो डूब रहा हो। माता तुरंत उठकर वह पहुंची तो उन्होंने देखा एक मगरमच्छ बालक को पानी के अंदर खींच रहा था। मगरमच्छ उस बालक को खाने की कोशिश कर रहा और उसे पानी के अंदर खिंच रहा था और दूसरी और बालक अपनी जान बचाने के लिए प्रयास कर रहा था। करुणामयी पार्वती माँ को बालक पे दया आ गयी। उन्होंने मगरमच्छ से निवेदन किया की बालक को छोड़ दीजिये इसे आहार न बनाए। मगरमच्छ बोला माता यह मेरा आहार है मुझे हर छठे दिन उदर पूर्ति हेतु जो पहले मिलता है, उसे मेरा आहार ब्रह्मा ने निश्चित किया है। माता ने फिर कहा आप इसे छोड़ दे इसके बद...

इस मंदिर में पवित्र जल छिड़कने से मृत व्यक्ति पुन: जीवित हो उठता है

Image
इस मंदिर में पवित्र जल छिड़कने से मृत व्यक्ति पुन: जीवित हो उठता है आज हम आपको देश में स्थित एक चमत्कारिक और रहस्यमयी मंदिर के बारे में जहां किसी व्यक्ति के शव को लेकर जाया जाए तो उसकी आत्मा उस शव में पुन: प्रवेश कर जाती है और वह इंसान जीवित हो उठता है। वैसे सुनने में काफी अजीब लगता है लेकी यहाँ मुर्दे उठकर बैठ जाते है। इस चमत्कारिक जगह का नाम है लाखामंडल का महादेव मंदिर जो देहरादून से 128 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महादेव का यह मंदिर यमुना नदी की तट पर स्थित है। नैसर्गिक सुन्दरता से पूर्ण यह स्थान गुफाओं और भगवान शिव के मंदिर के प्राचीन अवशेषों से घिरा हुआ है और खुदाई में मिले अनेक प्रकार के ऐतिहासिक काल के शिवलिंग भी है। आप महाभारत कालीन लाक्षागृह की कथा तो जानते होंगे। पांडवों को जीवित आग में भस्म करने के लिए उनके चचेरे भाई कौरवों ने यहीं इसका निर्माण करवाया था। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहाँ निवास किया था। युधिष्ठिर ने शिवलिंग स्थापित किया था। इस शिवलिंग को आज भी महामंडेश्वर नाम से जाना जाता है। इस दौरान यहाँ एक बहुत खूबसूरत मंदिर बनाया गया था। श...

भैरव जयंती: सभी कष्टों से मुक्ति चाहिए तो ना करे ये काम

Image
भैरव जयंती: सभी कष्टों से मुक्ति चाहिए तो ना करे ये काम देश के प्राय: सभी क्षेत्रों में श्री भैरव की पूजा होती है। 30 नवंबर को है भैरव जयंती है। सभी कष्टों से मुक्ति और संकट के निदान में भैरव साधना फलदायी है। भैरव देवीतीर्थ में हैं, तो शिवधाम में भी हैं। भगवान शिव के क्रोधावतार, देवी के पहरुआ, कालों के काल महाकाल कष्ट से मुक्ति और संकट के निदान में भैरव साधना तुरंत फलदायी है। भैरव की सवारी काला कुत्‍ता है। इनका व्रत रख उपासना करने से हर तरह के कष्‍टों से मुक्‍ति मिलती हैं। भैरव की लोकप्रियता शैव, शाक्त व वैष्णव, तीनों संप्रदायों में समान रूप से है। काल भैरव जयंती की रात को काल भैरव की अर्चना करनी चहिए।लेकिन कुछ काम ऐसे है जिन्हें कालाष्टमी के दिन नहीं करना चाहिए। अगर आपने किया तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा- 1)ध्यान रखे बिना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा किए बिना काल भैरव पूजा नहीं करना चाहिए। 2) अगर आप भैरव जयंती का व्रत करने का संकल्प लेते है तो अन्न ग्रहण न करें। माता-पिता और गुरु का अपमान न करें। 3) इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए। ना ही कोई ऐसा व्यवहार करे जिस...

क्रुणाल की फिरकी में उलझे कंगारू

Image
क्रुणाल की फिरकी में उलझे कंगारू भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाज क्रुणाल पंड्या ने अपने पहले इंटरनेशनल डेब्यू मैच में बड़ा कारनामा करते हुए पहले ही मैच में कंगारुओं को 36 रन देकर चार विकेट झटक लिए। दरअसल बाएं हाथ के ​क्रुणाल की तूफानी गेंदबाजी के आगे कंगारू धीरे धीरे पवेलियन लौटने लगे वहीं उस समय तक ऑस्ट्रेलिया टीम ने 9 ओवर तक बिना विकेट गंवाए 68 लिए थे। बता दें कि ​सिडनी में रविवार को भारत और आॅस्ट्रेलिया के बीच टी 20 का तीसरा और अंतिम मुकाबला ​खेला गया जिसमें भारतीय के कप्तान विराट कोहली और दिनेश कार्तिक की धमाकेदार पारी की मदद से आॅस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हरा दिया।