एक मसीहा जिसने बचाई 1.70 लाख भारतीयों की जान
मुंबई: अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह फिल्म दुनिया के सबसे बड़े मिशन पर आधारित है। आज से 25 साल पहले 1990 में इस पूरे मिशन को कुवैत के सबसे बड़े व्यापारी रंजीत कात्याल ने अंजाम दिया था। इस मिशन में 1,70,000 भारतीयों को रंजीत कात्याल ने बचाया था।
कौन है रंजीत कात्याल..?
कुवैत पर हमला
1990 के दशक में ईराक के तत्कालीन तानाशाह सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला बोल दिया था। यह हमला तेल के कारोबार को लेकर किया गया था। सद्दाम हुसैन के हमले के बाद ईराक की सेना ने कुछ घंटो के भीतर ही पूरे कुवैत में तबाही मचा दी थी। जिसके बाद कुवैत में रह रहे 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों की जान पर बन आई थी। ऐसे में रंजीत कात्याल ही वह सख्स थे जिन्होंने अपनी जिंदगी को खतरे में डालकार कुवैत के भीतर रहते हुए 1,70,000 हिन्दुस्तानियों को कुवैत से 4,117 किमी दूर मुंबई भेजा था।
कुवैत पर हमला
1990 के दशक में ईराक के तत्कालीन तानाशाह सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला बोल दिया था। यह हमला तेल के कारोबार को लेकर किया गया था। सद्दाम हुसैन के हमले के बाद ईराक की सेना ने कुछ घंटो के भीतर ही पूरे कुवैत में तबाही मचा दी थी। जिसके बाद कुवैत में रह रहे 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों की जान पर बन आई थी। ऐसे में रंजीत कात्याल ही वह सख्स थे जिन्होंने अपनी जिंदगी को खतरे में डालकार कुवैत के भीतर रहते हुए 1,70,000 हिन्दुस्तानियों को कुवैत से 4,117 किमी दूर मुंबई भेजा था।
भारतीयों की ढ़ाल
रंजीत कात्याल अपने आपको भारतीय से ज्यादा कुवैती मानता था लेकिन इस हमले के बाद 1 लाख 70 हजार हिन्दुस्तानियों के लिए ढाल बन गया। कहा जाता है कि रंजीत कात्याल ही वह सख्स थे जिनके प्रयास से सद्दाम हुसैन और तत्कालीन विदेशमंत्री इंद्र कुमार गुजराल की मीटिंग हो सकी जिसके बाद एक-एक हिन्दुस्तानी को भारत लाया जा सका।
एयर इंडिया की 488 बार उड़ान
भारत सरकार ने इस पूरे मिशन को अंजाम देने के लिए केवल 59 दिन लगाये और इतना ही नहीं भारत सरकार की तरफ से 1,70,000 हिन्दुस्तानियों को कुवैत के रणक्षेत्र से बाहर निकालने में 488 बार एयर इंडिया को उड़ान भरनी पड़ी थी।
क्यों हुआ था हमला?
सद्दाम हुसैन ने ईराक से 1990 में कहा था कि वह अपने यहाँ कच्चे तेल का उत्पादन कम से कम कर दे। लेकिन कुवैत ने ऐसा करने से मना कर दिया था जिसके बाद ईराक ने 2 अगस्त 1990 में कुवैत के ऊपर हमला बोल दिया था। कुवैत में हुए ईराक के हमले के बाद कुवैत के राजघराने के लोगों ने कुवैत को छोड़कर सऊदी अरब में जाकर शरण ले ली थी और वहाँ पर रह गए थे सीधे-साधे नागरिक। जिनके सर पर ईराकी सेना के द्वारा मौत का खतरा मडराने लगा था।
दुनिया का सबसे बड़ा बचाव अभियान
भारत सरकार के द्वारा चलाया गया वह अभियान अब तक का किसी भी दूसरे देश में किसी देश के द्वारा चलाया गया सबसे बड़ा बचाव अभियान है। इस अभियान को गिनीज बुक ऑफ़ द वर्ल्ड रिकार्ड बुक में भी दर्ज किया गया है।

Comments
Post a Comment