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Showing posts from December, 2015
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फोटोकॉपी शॉप पर काम करने वाले "नरेंद्र सेन" आज बने रैक बैंक के मालिक बिज़नेस:   इंदौर के युवा उद्यमी रैक बैंक के फाउंडर नरेंद्र सेन ने न केवल अपना बिज़नेस बढ़ाया बल्कि लोगो को जॉब भी दी... रैक बैंक ने खुद को ऐसे प्लाट फॉर्म पे लाया जिनका खुद का डेटा सेंटर हैं इस तरह से रैक बैंक ने 2012 में अपना अस्तित्व बनाया। रैक बैंक सर्वर होस्टिंग प्रदान करता हैं मजबूत कार्यक्षमता, ई.मेल स्टेबिलिटी ,सिक्योरिटी, एवं कंट्रोल के साथ। रैक बैंक होस्टिंग मैनेज करने के साथ साथ जगह भी प्रदान करती हैं। कौन हैं नरेंद्र सेन...?   नरेंद्र सेन मध्यप्रदेश के एक छोटे गाँव के रहने वाले व्यक्ति हैं. वह छुट्टीओं में इंदौर आया करते थे. उन्हें स्कूल के बाद भी कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में कोई इंटरेस्ट नही था। छुट्टीओं के समय वे फोटोकॉपी की एक छोटी सी दुकान में काम करते थे , एक बार काम करते समय उन्हें प्रिंट आउट निकलना था तब वे साइबर कैफ़े गए, तब पहली बार उन्होंने कंप्यूट स्टार्ट किया और कंप्यूटर के वर्ल्ड से रूबरू हुए. यहां से नरेंद्र सेन ने पहली बार कंप्यूटर के साथ अपनी यात्रा शुरू की। साइबर कैफ़े में...
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कौन थीं 'नीरजा भनोट', कैसे बचाई थीं सैकड़ों जिंदगियां मुंबई:  बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर की फिल्म 'नीरजा' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म की स्टार कास्ट सोनम कपूर, शबाना आजमी के साथ-साथ स्वर्गीया नीरजा भनोट के असल जिंदगी के भाई अनिश भनोट और अखिल भनोट भी इस लॉन्च पर मौजूद थे। फिल्म नीरजा एयर होस्टेस नीरजा के बलिदान पर आधारित है।  नीरजा भनोट का जन्म 7 सितम्बर 1964 को चंड़ीगढ़ के हरीश भनोट के यहां हुआ था। बचपन से ही नीरजा को वायुयान में बैठने और आकाश में उड़ने की प्रबल इच्छा थी। नीरजा की शादी 1985 में हुई और वो पति के साथ खाड़ी देश चली गईं, लेकिन कुछ दिनों बाद दहेज के दबाव को लेकर इस रिश्ते में खटास आयी और विवाह के दो महीने बाद ही नीरजा वापस मुंबई आ गईं। उसके बाद नीरजा ने अपनी इच्छा एयर लाइन्स पैन एम ज्वाइन करके पूरी की। 16 जनवरी 1986 को नीरजा को आकाश छूने वाली इच्छा को वास्तव में पंख लग गए थे। नीरजा पैन एम एयरलाईन में बतौर एयर होस्टेज का काम करने लगी। -अंजलि रॉय (संपादक)  ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़े घमासान न्यूज़ 
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जानिए - बाजीराव-मस्तानी के इतिहास की अनकही दास्तां मुंबई :   बाजीराव-मस्तानी फिल्म ने भारत के इतिहास के एक सुनहरे किस्से को हर जुबां पर जिंदा कर दिया है। आइए जानते हैं, बाजीराव-मस्तानी के बारे में वो हर बात जिसे न जानकर आप भारत के बीते हुए अध्याय की एक रेश्मी गाथा से दूर रह जाएंगे...... बाजीराव मस्तानी' कहानी मराठा इतिहास की जबरदस्त प्रेम कहानी है। जो कि मराठा बाजीराव पेशवा और उनकी दूसरी पत्‍नी मस्‍तानी पर आधारित है।इस प्रेम कथा पर संजय लीला भंसाली फिल्म भी बना रहे हैं। इसमें रणवीर सिंह बाजीराव की भूमिका में दिखाई देंगें तो वहीं दीपिका पादुकोण मस्तानी और प्रियंका चोपड़ा बाजीराव की पहली पत्नी काशीबाई की भूमिका में नजर आएँगी। 300 साल पहले, सन 1700 में छत्रपति शिवाजी के पौत्र शाहूजी महाराज ने बाजीराव के पिता बालाजी विश्वनाथ की मौत के बाद उसे अपने राज्य का पेशवा यानी प्रधानमंत्री नियुक्त किया। 20 साल की उम्र में कमान संभालने वाले बाजीराव ने अपने शासन काल में 41 युद्ध लड़े और सभी में जीत हासिल की। बचपन से बाजीराव को घुड़सवारी करना, तीरंदाजी, तलवार भाला, बनेठी, लाठी आदि चलाने का...
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कौन थीं मस्‍तानी और कैसे शुरू हुई थी बाजीराव के साथ Love Story मुंबई:   मस्‍तानी शायद इतिहास का वह हिस्‍सा है जिसका जिक्र ज्‍यादा नहीं हुआ और जिसके बारे में ज्‍यादा उल्‍लेख भी नहीं मिलता। पिछले दिनों बाजीराव के वंश के एक सदस्‍य की ओर से दावा किया गया है कि फिल्‍म में मस्‍तानी के बारे में गलत जानकारियां दी गई हैं। जब फिल्‍म के साथ एक‍ विवाद जुड़ गया है तो हमने सोचा कि आपको क्‍यों न बताया जाए कि आखिर मस्‍तानी कौन थीं और बाजीराव के साथ उनकी प्रेम कहानी की असलियत क्‍या थी। कौन थीं मस्‍तानी मस्‍तानी: एक हिंदु महाराजा, महाराजा छत्रसाल बुंदेला की बेटी थीं। उनकी मां रुहानी बाई हैदराबाद के निजाम के राज दरबार में नृत्‍यांगना थीं। महराजा छत्रसाल ने बुंदलेखंड में पन्‍ना राज्‍य की स्‍थापना की थी। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि मस्‍तानी को महाराजा छत्रसाल ने गोद लिया था। मस्‍तानी की परवरिश मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले से 15 किमी दूर मऊ साहनिया में हुई थी। इस जगह पर मस्‍तानी के नाम पर एक मस्‍तानी महल भी बना हुआ है। मस्‍तानी इसी महल में रहतीं और डांस करती थीं। मस्‍तानी को राजनीति, युद्धकला, तल...
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इस शख्स के नाम से ISIS भी खाता है खौफ! इराक:  जिनके नाम से दुनिया खौफ खाती है, वो एक शख्स का नाम सुनते ही कांपने लगते हैं। जो सेकेंडों में सैकड़ों को मौत के घाट उतार देते हैं। वो भी उस एक शख्स से टकराने से बचते हैं क्योंकि वो कातिलों का कातिल है। बगदादी की फौज ने उसके सिर पर करोड़ों का इनाम रखा है, लेकिन उस शख्स को अभी तक कोई छू भी नहीं पाया है। आखिर कौन है वो शख्स? इस शख्स का नाम रैम्बो अबू अजरायल है, जी हां इराक के लोगों ने अपने इस हीरो को यही नाम दिया है। इतना ही नहीं इसे मौत का फरिश्ता का खिताब भी मिला हुआ है। ऊंची कद-काठी, मुस्कुराता चेहरा और बेहद मिलनसार अजरायल जब लोगों के बीच होता है तो किसी हीरो की तरह इसका स्वागत किया जाता है, लेकिन जब ये मैदान-ए-जंग में उतरता है तो यमदूत बनकर दुश्मनों पर टूट पड़ता है। इराक में क्यों लोकप्रिय है अबू अजरायल? अबू अजरायल ने अब तक आईएसआईएस के 1500 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है, जिन्हें दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी कहा जाता है। जिस आईएसआईएस का खौफ पूरी दुनिया में फैला हुआ है वो आईएसआईएस अबू अजरायल के नाम से कांपता है। ...
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कौन है सरकार से टक्कर लेने वाली आईपीएस संगीता कालिया हिसार: हरियाणा के फतेहाबाद में शुक्रवार को हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज और एसपी संगीता कालिया के बीच जमकर बहस हो गई । इस मामले के सामने आते ही मंत्री विज और स्टेट गवर्नमेंट की मीडिया में काफी किरकिरी हुई। इस घटना के बाद हर कोई तेज-तर्रार लेडी आईपीएस के बारे में जानना चाहता है। बता दें कि संगीता के पिता हरियाणा पुलिस के जिस थाने में मामूली पेंटर की नौकरी करते थे, उसी जिले की पुलिस टीम में उनकी आईपीएस बेटी डीएसपी बनकर पहुंची थी। घमासान आपको बताने जा रहा है संगीता कालिया के एसपी बनने की दिलचस्प कहानी। फतेहाबाद में है अलग पहचान एसपी संगीता कालिया फतेहाबाद में 9 महीने से ज्यादा वक्त से ड्यूटी कर रही हैं। अब तक उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण केस सॉल्व किए हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कोई भी बड़ा मामला बिना सुलझाए नहीं छोड़ा है। यहां बतौर एसपी उनकी एक अलग पहचान है। वे सामाजिक कार्यों में भी गई रूचि दिखाती रही हैं। ईमानदार अफसर   संगीता 2010 बैच की लेडी आईपीएस हैं। वे मूलत: भिवानी जिले की रहने वाली हैं। उनकी शिक्ष...