कौन थीं मस्तानी और कैसे शुरू हुई थी बाजीराव के साथ Love Story
मुंबई: मस्तानी शायद इतिहास का वह हिस्सा है जिसका जिक्र ज्यादा नहीं हुआ और जिसके बारे में ज्यादा उल्लेख भी नहीं मिलता। पिछले दिनों बाजीराव के वंश के एक सदस्य की ओर से दावा किया गया है कि फिल्म में मस्तानी के बारे में गलत जानकारियां दी गई हैं। जब फिल्म के साथ एक विवाद जुड़ गया है तो हमने सोचा कि आपको क्यों न बताया जाए कि आखिर मस्तानी कौन थीं और बाजीराव के साथ उनकी प्रेम कहानी की असलियत क्या थी।
कौन थीं मस्तानी मस्तानी:
एक हिंदु महाराजा, महाराजा छत्रसाल बुंदेला की बेटी थीं। उनकी मां रुहानी बाई हैदराबाद के निजाम के राज दरबार में नृत्यांगना थीं। महराजा छत्रसाल ने बुंदलेखंड में पन्ना राज्य की स्थापना की थी। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि मस्तानी को महाराजा छत्रसाल ने गोद लिया था। मस्तानी की परवरिश मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से 15 किमी दूर मऊ साहनिया में हुई थी। इस जगह पर मस्तानी के नाम पर एक मस्तानी महल भी बना हुआ है। मस्तानी इसी महल में रहतीं और डांस करती थीं। मस्तानी को राजनीति, युद्धकला, तलवारबाजी और घर के कामों का पूरा प्रशिक्षण मिला हुआ था। मस्तानी के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत ही खूबसूरत थीं। उन्हें अपनी मां की ही तरह नृत्य में कुशलता हासिल थी। कहते हैं कि मस्तानी ने बाजीराव की मृत्यु के बाद जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने अपनी अंगूठी में मौजूद जहर को पी लिया था। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि वह बाजीराव की चिता में कूद कर सती हो गई थीं। उनकी मौत सन 1740 में बताई जाती है।
एक हिंदु महाराजा, महाराजा छत्रसाल बुंदेला की बेटी थीं। उनकी मां रुहानी बाई हैदराबाद के निजाम के राज दरबार में नृत्यांगना थीं। महराजा छत्रसाल ने बुंदलेखंड में पन्ना राज्य की स्थापना की थी। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि मस्तानी को महाराजा छत्रसाल ने गोद लिया था। मस्तानी की परवरिश मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से 15 किमी दूर मऊ साहनिया में हुई थी। इस जगह पर मस्तानी के नाम पर एक मस्तानी महल भी बना हुआ है। मस्तानी इसी महल में रहतीं और डांस करती थीं। मस्तानी को राजनीति, युद्धकला, तलवारबाजी और घर के कामों का पूरा प्रशिक्षण मिला हुआ था। मस्तानी के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत ही खूबसूरत थीं। उन्हें अपनी मां की ही तरह नृत्य में कुशलता हासिल थी। कहते हैं कि मस्तानी ने बाजीराव की मृत्यु के बाद जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने अपनी अंगूठी में मौजूद जहर को पी लिया था। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि वह बाजीराव की चिता में कूद कर सती हो गई थीं। उनकी मौत सन 1740 में बताई जाती है।
कैसे हुई बाजीराव से मुलाकात:
सन 1727-28 के दौरान महाराजा छत्रसाल के राज्य पर मुसलमान शासक मोहम्मद खान बंगश ने हमला बोल दिया था। बताया जाता है कि खुद पर खतरा बढ़ता देख छत्रसाल ने बाजीराव को एक गुप्त संदेश भिजवाया। इस संदेश में छत्रसाल ने बाजीराव से मदद की मांग की। बाजीराव ने छत्रसाल की मदद की और मोहम्मद बंगश से उनका साम्राज्य बचा लिया। छत्रसाल, बाजीराव की मदद से काफी खुश हुए और खुद को उनका कर्जदार समझने लगे। इस कर्ज को उतारने के लिए छत्रसाल ने अपनी बेटी मस्तानी, बाजीराव को उपहार में दे दी थी। बाजीराव पहली ही नजर में मस्तानी को दिल दे बैठे थे। उन्होंने मस्तानी को अपनी दूसरी पत्नी बनाया। मस्तानी से पहले उनका विवाह काशीबाई नामक महिला हो चुका था।
सन 1727-28 के दौरान महाराजा छत्रसाल के राज्य पर मुसलमान शासक मोहम्मद खान बंगश ने हमला बोल दिया था। बताया जाता है कि खुद पर खतरा बढ़ता देख छत्रसाल ने बाजीराव को एक गुप्त संदेश भिजवाया। इस संदेश में छत्रसाल ने बाजीराव से मदद की मांग की। बाजीराव ने छत्रसाल की मदद की और मोहम्मद बंगश से उनका साम्राज्य बचा लिया। छत्रसाल, बाजीराव की मदद से काफी खुश हुए और खुद को उनका कर्जदार समझने लगे। इस कर्ज को उतारने के लिए छत्रसाल ने अपनी बेटी मस्तानी, बाजीराव को उपहार में दे दी थी। बाजीराव पहली ही नजर में मस्तानी को दिल दे बैठे थे। उन्होंने मस्तानी को अपनी दूसरी पत्नी बनाया। मस्तानी से पहले उनका विवाह काशीबाई नामक महिला हो चुका था।
मस्तानी के बारे में कुछ अनकही बातें:
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि मस्तानी हैदराबाद के निजाम की बेटी थीं। महाराजा छत्रसाल ने निजाम को सन 1668 में एक युद्ध में हरा दिया था। हार के बाद निजाम की पत्नी ने मस्तानी की शादी छत्रसाल के साथ करने की सलाह दी थी। उनका मकसद था कि शादी से बुंदेलों के साथ निजामों के रिश्ते अच्छे हो सकेंगे। इन रिश्तों की वजह से वह मध्य भारत पर अपना प्रभाव बढ़ा सकेंगे। एक और कहानी के मुताबिक मस्तानी, छत्रसाल के दरबार में डांस करती थीं। जब बाजीराव पेशवा ने उनका साम्राज्य बचाया तो दोस्ती के तौर पर मस्तानी को उन्होंने स्वीकार किया। हालांकि लोग सिर्फ इस तथ्य को स्वीकार करते हैं मस्तानी महाराजा छत्रसाल की बेटी थीं।
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि मस्तानी हैदराबाद के निजाम की बेटी थीं। महाराजा छत्रसाल ने निजाम को सन 1668 में एक युद्ध में हरा दिया था। हार के बाद निजाम की पत्नी ने मस्तानी की शादी छत्रसाल के साथ करने की सलाह दी थी। उनका मकसद था कि शादी से बुंदेलों के साथ निजामों के रिश्ते अच्छे हो सकेंगे। इन रिश्तों की वजह से वह मध्य भारत पर अपना प्रभाव बढ़ा सकेंगे। एक और कहानी के मुताबिक मस्तानी, छत्रसाल के दरबार में डांस करती थीं। जब बाजीराव पेशवा ने उनका साम्राज्य बचाया तो दोस्ती के तौर पर मस्तानी को उन्होंने स्वीकार किया। हालांकि लोग सिर्फ इस तथ्य को स्वीकार करते हैं मस्तानी महाराजा छत्रसाल की बेटी थीं।
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