फोटोकॉपी शॉप पर काम करने वाले "नरेंद्र सेन" आज बने रैक बैंक के मालिक


बिज़नेस: इंदौर के युवा उद्यमी रैक बैंक के फाउंडर नरेंद्र सेन ने न केवल अपना बिज़नेस बढ़ाया बल्कि लोगो को जॉब भी दी... रैक बैंक ने खुद को ऐसे प्लाट फॉर्म पे लाया जिनका खुद का डेटा सेंटर हैं इस तरह से रैक बैंक ने 2012 में अपना अस्तित्व बनाया। रैक बैंक सर्वर होस्टिंग प्रदान करता हैं मजबूत कार्यक्षमता, ई.मेल स्टेबिलिटी ,सिक्योरिटी, एवं कंट्रोल के साथ। रैक बैंक होस्टिंग मैनेज करने के साथ साथ जगह भी प्रदान करती हैं।
कौन हैं नरेंद्र सेन...? 
नरेंद्र सेन मध्यप्रदेश के एक छोटे गाँव के रहने वाले व्यक्ति हैं. वह छुट्टीओं में इंदौर आया करते थे. उन्हें स्कूल के बाद भी कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में कोई इंटरेस्ट नही था। छुट्टीओं के समय वे फोटोकॉपी की एक छोटी सी दुकान में काम करते थे , एक बार काम करते समय उन्हें प्रिंट आउट निकलना था तब वे साइबर कैफ़े गए, तब पहली बार उन्होंने कंप्यूट स्टार्ट किया और कंप्यूटर के वर्ल्ड से रूबरू हुए.
यहां से नरेंद्र सेन ने पहली बार कंप्यूटर के साथ अपनी यात्रा शुरू की। साइबर कैफ़े में.. पहले उन्होंने बहुत ही प्रारम्भिक स्तर पर काम करना प्रारम्भ किया, और बाद में उनका इंट्रेस्ट HTML पर आया... उनका कहना हैं की वे घंटो साइबर कैफ़े में बिताते थे और लोगो को देखते थे की कैसे लोग वेबसाइट में डूबे रहते थे, फिर उन्हें इस बात का अहसास हुआ की यह इतना भी कठिन नहीं हैं.... नरेंद्र ज़्यादा से ज़्यादा सिखने लगे तब तक सीखते रहे जब तक उन्होंने अपना एक खुद का वेबसाइट नहीं बना ली.. उन्हें पहला प्रोजेक्ट 1600 रुपयो का मिला जो की उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट था.. वे री-सेलर बने, वेब होस्टिंग के जहाँ में उन्हें अच्छा पैसा मिला और साथ ही अपनी खुद की कंपनी चालू करने का मौका मिला।
रैक बैंक में कुल 35 एम्प्लाइज है ( इसमें से 15 लोग एजेंसी के हैं) रैक बैंक बहुत जल्दी ग्रोथ करने वाली कंपनी में से एक है।  रैक बैंक के सभी कर्मचारी प्रशिक्षित है। रैक बैंक बहुत ही ध्यान से अपनी कर्मचारियों का चुनाव करती है। ताकि उनका बिज़नेस भरोसे मंद रहे. रैक बैंक का लक्ष्य हैं मध्यप्रदेश प्रदेश का पहला क्लाउड सर्वर बनाना.. जिससे वे बेहतर सेवाएँ प्रदान कर सके..
-अंजलि रॉय (संपादक) 
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