ये हैं भारतीय मूल की 'पावर बिजनेस वुमन', 540 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर
बिज़नेस : यह कहानी एक ऐसे भारतीय की है जिन्हें एशिया की 'पावर बिजनेस वुमन 2015' की लिस्ट में शामिल किया गया है। इनका नाम अमीरा शाह है। इन्हें इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथाेलाॅजी लैब की सबसे कम उम्र की सेक्रेटरी माना जा रहा हैं। बताते चलें कि अमीरा बचपन से ही उत्साही उद्यमी थीं। 9-10 वर्ष की उम्र में स्कूल से छूटते ही वे पिता की पैथाेलॉजी लैब पहुंच जातीं और रिसेप्शनिस्ट की सहयोगी बन जातीं। आॅस्टिन से फाइनेंस मैनेजमेंट इन्फाॅर्मेशन सिस्टम में एमबीए की डिग्री प्राप्त करने के बाद अमीरा ने यूएसए में नौकरी की, लेकिन कारोबारी माहौल में पली-बढ़ी होने के कारण वे संतुष्ट नहीं थी।
2001 में वे भारत लौट आईं। पिता को भी बेटी की शिक्षा, क्षमता पर भरोसा था। उन्होंने अमीरा को अपनी लैब सौंप दी। अमीरा ने सबसे पहले ट्रेडिशनल बिजनेस का नाम (डॉ. शाहज लैब) बदला और फिर मुंबई की असंगठित पैथाेलॉजी लैब्स को बिजनेस पार्टनर बनाने का अभियान शुरू किया और देखते ही देखते मेट्रोपोलिस की डायग्नोस्टिक सेवाओं को सारे देश में पहुंचा दिया। फैमिली रन बिजनेस को प्रोफेशनल बनाने के लिए एचआर, परचेज, सेल्स मार्केटिंग विभाग खोले। इन्हीं दिनों उन्हाेंने पाया कि मिडिल ईस्ट के देश अपने मरीजों के सैंपल सिंगापुर भेजते हैं, क्योंकि वहां वर्ल्ड क्लास डायग्नोस्टिक सेंटर नहीं हैं।
540 करोड़ रुपए सालाना व्यापार
अमीरा ने दुबई शारजाह में एंट्री ली, पर मेट्रोपोलिस को लोकल से ग्लोबल डायग्नोस्टिक कंपनी बनाने के लिए उन्हें दक्षिण अफ्रीका पहुंचना पड़ा। अमीरा शाह कहती हैं, वुमन एंटरप्रेन्योर्स को अलग ही किस्म की चुनौतियों से जूझना पड़ता है। मैंने भी इनका सामना किया। 2001 में अमीरा को अपने पिता से 9 करोड़ रुपए सालाना का जो व्यापार मिला था, वह आज भारत सहित सात देशों में 540 करोड़ रुपए हो गया है। 2001 में अमीरा शाह द्वारा स्थापित मेट्रोपोलिस हेल्थ केयर आज देश की पहली ऐसी मल्टीनेशनल डायग्नोस्टिक सीरीज है, जो 10 हजार लैब, अस्पतालों, रिसर्च संस्थानों और 50 हजार से ज्यादा डॉक्टरों को सामान्य पैथाेलॉजी टेस्टिंग से लेकर एडवांस प्रिवेंटिव हेल्थ चेक्स, वेलनेस और क्लिनिकल रिसर्च सेवा उपलब्ध करवा रही है।

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