'एक हिंदुत्ववादी डॉन है छोटा राजन'
मुंबई। अंडरवर्ल्ड की
दुनिया में मुसलमान दाऊद इब्राहिम, अबू सलेम, छोटा शकील और टायगर मेमन से
अकेले भिड़ जाने वाले और उन्हें धूल चटा देने वाले 'छोटा राजन' के कुछ अनछुए
पहलू जिन्हें शायद आप नही जानते होंगे।
55 वर्षीय अपराध सरगना छोटा राजन, जिसका असली नाम राजेन्द्र सदाशिव निखालजी है, की गिरफ्तारी मुंबई के अपराध जगत के इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है। उसे कल इंडोनेशिया से गिरफ्तार किया गया।
55 वर्षीय अपराध सरगना छोटा राजन, जिसका असली नाम राजेन्द्र सदाशिव निखालजी है, की गिरफ्तारी मुंबई के अपराध जगत के इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है। उसे कल इंडोनेशिया से गिरफ्तार किया गया।
1- 1993
तक दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ माना जाने वाला छोटा राजन 1993 में बाबरी
मस्जिद उद्धार का बदला लेने के लिए दाऊद इब्राहिम द्वारा कराये गए हिंदुओं
के क्षेत्र में बम ब्लास्टों के बाद उस से अलग हो गया जबकि दाऊद उसे धन
दौलत शान शौकत सब दे रहा था ...पर उसके लिए सब से प्रिय चीज अपना हिंदुत्व
लगी।
2- दाऊद का गैंग छोड़ने के साथ ही उसने दाऊद के 2 सब से ख़ास मुसलमान शूटरों को मार डाला।
3- उसने अपने गैंग में खुल कर कहा कि उसे खुद के लिए 'हिन्दू डान' शब्द सुनना पसंद है।
4- हिन्दू ह्रदय सम्राट ‘बाला साहब ठाकरे’ छोटा राजन के हिंदुत्व से इतने प्रभावित थे कि पहली बार थाईलैंड में राजन को गोली लगने के बाद उन्होंने ‘सामना’ में लेख लिख कर भगवान से उसके जिन्दा रहने और जल्दी स्वस्थ होने की कामना की थी।
5- दाऊद के गुर्गे जब चुनाव के समय शरद पवार और सुशिल शिंदे जैसे कट्टर कांग्रेसी आतंकियों के लिए बूथ लूटने आते थे तब शिवसेना और भाजपा के लिए उन बूथों की रक्षा इसी भाई के लोग करते थे।
6- कराची और इस्लामाबाद जिसमे आज तक भारत की फ़ौज कमांडो कार्यवाही ना कर सकी वहाँ छोटा राजन ने दाऊद इब्राहिम पर कम से कम 5 बार अटैक करवाया।
7- मुम्बई ब्लास्ट के 19 गुनाहगार को स्वयं खुद से सजा-ए-मौत छोटा राजन ने दिया जो सब के सब मुसलमान थे।
8- दाऊद इब्राहिम के 2 सगे भाईयों को 72 हूरों से मिलने का सौभाग्य मुम्बई पुलिस नही बल्कि छोटा राजन ने दिया।
9- ‘मुझे भारत की मिट्टी की खुशबू से प्यार है, दाऊद को मार कर मैं खुद भारत की मिट्टी को नमन करने आऊंगा भले ही मुझे फांसी क्यों ना चढ़ना पड़े’ ये शब्द छोटा राजन के हैं।
10- जब तक मुम्बई को हिंदुओं के खून से नहलाने वाले एक एक गुनाहगार को मार नही लूँगा तब तक मुझे मौत नही आएगी ये शब्द छोटा राजन के हैं।
11- दुनिया के किसी भी कोने में रहने के बाद भी छोटा राजन ‘गणपति त्यौहार’ का सीधा प्रसारण देखता है और गणपति पांडालों को सब से ज्यादा चन्दा देता है।
12- भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी ‘रॉ’ तक ने दाऊद को ख़त्म करने के लिए छोटा राजन पर भरोसा जताया था।
13- दाऊद के 80% ठिकानों और प्लानिंग की जानकारी खुफिया एजेंसियों को छोटा राजन से मिलती थी।
हिन्दू
समाज एक हो मुसलमानो द्वारा कराये गए 1993 ब्लास्ट में जिन हिंदुओं के
घरों के लोग मरे थे वो सब के सब अपनी दुश्मनी भूल कर अपने अपने काम धंधों
में लग गए। पर 23 साल बीत जाने के बाद भी हिंदुओं के बहे खून का बदला जो
अकेला हिन्दू लेता रहा उसका नाम छोटा राजन हैं।
राजन ने अपराध की दुनिया का अपना सफर तिलक नगर में शाहकार सिनेमा में 1970 और 80 के दशक में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग से शुरू किया। उसने राजन महादेव उर्फ बड़ा राजन के साथ काम किया। आगे बढ़ने की चाह रखने वाला राजन जल्दी ही एक मामूली गुंडे से बड़ा राजन का दायां हाथ बन गया। 1983 में बड़ा राजन की चंद्रशेखर सफलिका और अब्दुल कुंजू ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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