एक लाइन आकलन एक सवाल -सुरेन्द्र बंसल की नज़र से

एक लाइन आकलन एक सवाल -सुरेन्द्र बंसल की नज़र से

एक लाइन आकलन एक सवाल -सुरेन्द्र बंसल की नज़र से

इंदौर एक- सुदर्शन का दर्शन हुआ कम, संजय की दृष्टि मेहनत पर कम जोड़ तोड़ पर ज्यादा क्यों?
इंदौर दो- मैंदोला का वजन पहले से हुआ कम ,मोहन वोटर को रिझाने में हैं क्यों कम?
इंदौर तीन- आकाश तो साफ है लेकिन शुक्ल के अश्विन नक्षत्र में क्या घुमड़ सकते हैं बादल?
इंदौर चार- जीत की पक्की है मालिनी, जीत के लिए सुरजीत जीत का सुर नहीं लगा पा रहे क्यों?
इंदौर पांच- सत्यनारायण पटेल भारी नहीं पड़ रहे है फिर कमज़ोर क्यों पड़ रहे हैं बाबा महेंद्र हार्डिया
राऊ- वर्मा ने किया बहुत मधु एकत्र, जीतू नहीं तोड़ पा रहे वोटरों के छत्ते क्यों?
सांवेर- राजेश कर जाएंगे पार तुलसी नहीं लेने देगे आराम?
देपालपुर- विशाल बढ़ रहे हैं आगे मनोज को हो रहा है धोका क्यों?
महू- ठाकुर की उषा हो सकती है मंगल, सिंह की अंतर से गर्जना है कम क्यों?
surendra-bansal

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