पुण्यप्राप्ति के लिए आपकी राशि अनुसार करे ये उपाय
पुण्यप्राप्ति के लिए आपकी राशि अनुसार करे ये उपाय

देव जागरण या उत्थान होने के कारण इसको देवोत्थान एकादशी कहते हैं। आज देवोत्थान एकादशी के दिन उपवास रखने का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु के चार माह के लिए योगनिद्रा के कारण समस्त मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। भगवान के जागने के पश्चात ही मांगलिक कार्य हो पाते है। इस दिन पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और अगर राशी अनुसार उपाय करोगे तो पुण्यप्राप्ति के साथ अन्य लाभ भी मिलेंगे

मेष राशि के लोग हरी नाम का जाप करे सच्चे भाव से श्री हरि के चरणों का दर्शन करें और उन्हें गुड़ का भोग लगाएं।
वृषभ राशि के लोगों को श्री हरी भगवान की पूजा कर पंचामृत का भोग लगाएं और उसे श्रद्धा से ग्रहण करें
वृषभ राशि के लोगों को श्री हरी भगवान की पूजा कर पंचामृत का भोग लगाएं और उसे श्रद्धा से ग्रहण करें

मिथुन राशि वाले श्री भगवान कृष्ण स्वरुप की पूजा करें, तुलसी दल भगवान्का को अर्पित करे फिर उनका सेवन करें।
कर्क राशी के जातक श्री हरी को भगवान को सफ़ेद फुल और सफ़ेद चन्दन अर्पित करें और वो चन्दन स्वयं भी लगाएं।
कर्क राशी के जातक श्री हरी को भगवान को सफ़ेद फुल और सफ़ेद चन्दन अर्पित करें और वो चन्दन स्वयं भी लगाएं।
सिंह राशी वाले भगवान विष्णु को शुद्ध जल अर्पित करें मंत्रजाप करे और उस जल को तीर्थ स्वरुप ग्रहण करे और घर में उस जल का छिड़काव करें।
कन्या राशी के जातक इस दिनपूजा के समय शंख ध्वनि करें। संध्या के समय विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
कन्या राशी के जातक इस दिनपूजा के समय शंख ध्वनि करें। संध्या के समय विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
तुला राशी वाले भगवान के कृष्ण स्वरुप की पूजा करें भगवान को पंचामृत अर्पित करें और भजन-कीर्तन करें।
वृश्चिक राशी वाले भगवान के चरणों को स्पर्श करें उसे धोकर जल ग्रहण करे। भोजन का नैवेद्य अर्पित करें और उसे प्रसाद रूप में ग्रहण भी करें।
वृश्चिक राशी वाले भगवान के चरणों को स्पर्श करें उसे धोकर जल ग्रहण करे। भोजन का नैवेद्य अर्पित करें और उसे प्रसाद रूप में ग्रहण भी करें।
धनु राशी वाले भगवान श्री हरी को पीले वस्त्र और पीले पुष्प अर्पित करें फिर इन फूलों को वर्ष भर सहेज कर अपने पास रखें।
मकर राशी वाले भगवान श्री कृष्ण को फलों का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में उसे ग्रहण करें।
मकर राशी वाले भगवान श्री कृष्ण को फलों का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में उसे ग्रहण करें।
कुम्भ राशी के जातक भगवान हरी के लिए घी का दीपक जलाएं और भगवान की आरती करे और भजन कीर्तन करें।
मीन राशी के लोग भगवान को ढेर सारे फूल अर्पित करें, उनको चरणों को स्पर्श करके क्षमा याचना करें।

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