गूगल हुआ चीन में बैन, जानिए क्यों

गूगल हुआ चीन में बैन, जानिए क्यों

गूगल हुआ चीन में बैन, जानिए क्यों

न्यूयॉर्कः सर्च इंजन गूगल को चीन में बैन कर दिया गया है. गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनी अभी भी चीन में अपने सर्च इंजन का सेंसर किया हुआ एडिशन लॉन्च करने पर विचार कर रही है. यह बहुत दुर्लभ है जब कंपनी ने अपनी इस गोपनीय परियोजना के बारे में कोई सार्वजनिक खुलासा किया है. गू्गल की चीन में वापसी की संभावना के बारे में सबसे पहले खबर अगस्त में ‘द इंटरसेप्ट’ ने लीक की थी.
एक रिपोर्ट में यह बताया गया था कि अमेरिकी गूगल गोपनीय तरीके से ‘ड्रैगनफ्लाई’ विकसित कर रही है. इस विशेष सर्च इंजन को चीन के बड़े बाजार के लिए तैयार किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि चीन में 2010 में सेंसरशिप संबंधी चिंताएं सामने आने के बाद गू्गल को चीनी मार्केट छोडऩा पड़ा.
गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने सोमवार को कहा कि अभी यह प्रोजेक्ट ‘बहुत शुरुआती चरण में है और संभवतया इस पर आगे भी नहीं बढ़ा जाए.’ वह सैन फ्रांसिस्को में वायर्ड-25 सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत शुरुआती चरण में है. हमें नहीं पता हम चीन में इस पर आगे बढ़ सकेंगे या नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि इस बारे में विचार करना महत्वपूर्ण है. पिचाई का मानना है कि यह हमारे लिए जरूरी है, क्योंकि यह बहुत बड़ा बाजार है और वहां बहुत सारे यूजर हैं. आंतरिक परीक्षणों में हमने पाया कि यह प्रणाली 99 प्रतिशत से अधिक सवालों का जवाब देने में सक्षम है.
गूगल के CEO पिचाई के मुताबिक ‘ड्रैगनफ्लाई’ एक प्रायोगिक आंतरिक प्रोजेक्ट है. सीएनएन ने पिचाई के हवाले से कहा कि वह यह जानना चाहते थे कि, अगर गूगल चीन में होती तो वह कैसी होती? इसलिए उन्होंने इसे आंतरिक तौर पर विकसित किया. पिचाई के अनुसार गूगल ने पाया कि चीनी सरकार उसके यूजर्स द्वारा सर्च की जाने वाली एक प्रतिशत से भी कम जानकारी को सेंसर करती है. उल्लेखनीय है कि 2006 से 2010 तक गूगल चीन में कार्यरत थी. चीन के सेंसरशिप कानूनों का विरोध करते हुए कंपनी ने आठ साल पहले वहां अपना परिचालन बंद कर दिया था.

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